आतंक के बाद भ्रम-युद्ध: NCRI रिपोर्ट से पाकिस्तान की दुष्प्रचार रणनीति का विश्लेषण
- NCRI रिपोर्ट के अनुसार पहलगाम हमले के बाद एक समन्वित दुष्प्रचार अभियान चला, जिसमें हिंसा को “फॉल्स फ़्लैग” बताकर ध्यान अपराधियों से हटाकर इनकार और कथात्मक हेरफेर की ओर मोड़ा गया।
- रिपोर्ट दिखाती है कि पाकिस्तान का प्रॉक्सी आतंकवाद एक व्यापक सूचना युद्ध तंत्र से जुड़ा है, जिसमें राज्य-नेतृत्व वाला कथानक निर्माण, कूटनीतिक इनकार और मीडिया प्रसार शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जिम्मेदारी को अस्पष्ट करना है।
- फॉल्स फ़्लैग दावों को तेज़ी से फैलाने के लिए समन्वित अप्रामाणिक गतिविधियों का उपयोग किया गया, जिनमें बॉट नेटवर्क, हैशटैग हेरफेर और सोशल मीडिया पर समकालिक सहभागिता उछाल शामिल थे।
- रिपोर्ट तकनीकों में आए स्पष्ट उन्नयन को रेखांकित करती है, विशेष रूप से जनरेटिव एआई से बनी दृश्य प्रचार सामग्री और पश्चिमी प्रभावशाली व्यक्तियों के माध्यम से इनकार-आधारित कथानकों के प्रसार को।
- निष्कर्ष स्पष्ट करते हैं कि आधुनिक सीमा-पार आतंकवाद केवल हिंसा से नहीं, बल्कि व्यवस्थित दुष्प्रचार से भी चलता है, जो जवाबदेही टालता है, प्रवासी समुदायों को ध्रुवीकृत करता है और अंतरराष्ट्रीय सहमति को कमजोर करता है।
Dr. Jai G. Bansal
Dr. Jai Bansal is a retired scientist, currently serving as the VP Education for the Vishwa Hindu Parishad America (VHPA)
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