विकिपीडिया की निष्पक्षता का झूठ: इसके वामपंथी पक्षपात का पर्दाफाश

विकिपिडिया वो ऑनलाइन विश्वकोश है जहाँ असहमति रखने वालों को 'दक्षिणपंथी चरमपंथी' करार देना निष्पक्षता का प्रदर्शन माना जाता है।
  • Wikipedia के सह-संस्थापक लैरी सेंगर ने कई बार प्लेटफ़ॉर्म के वैचारिक पूर्वाग्रह को खुले तौर पर स्वीकार किया है।
  • कई शोध अध्ययनों ने विकिपीडिया के वामपंथी पूर्वाग्रह का विश्लेषण किया है, जिसमें अमेरिका स्थित मैनहट्टन इंस्टीट्यूट और भारतीय मीडिया प्रकाशन ऑपइंडिया द्वारा किया गया एक प्रमुख अध्ययन शामिल है।
  • मैनहट्टन इंस्टीट्यूट के अध्ययन में पाया गया है कि विकिपीडिया की सामग्री में वामपंथी पूर्वाग्रह हैं।
  • OpIndia के अनुसंधान से यह सामने आता है कि विकिपीडिया में संपादकीय नियंत्रण कुछ विशेष प्रशासकों के हाथों में है।
  • OpIndia ने विकिपीडिया के भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी पूर्वाग्रह को भी उजागर किया है।
  • विकिपीडिया की वैचारिक पक्षधरता का ChatGPT जैसे AI मॉडलों तक पहुंचने की प्रबल संभावना है, जिस से ये मॉडल भी भ्रष्ट हो सकते हैं।  

 डिजिटल प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म्स निष्पक्ष और तटस्थ होने का दावा तो खूब करते हैं, लेकिन वास्तविकता में इनमें से अधिकतर प्लेटफार्म निष्पक्षता से कोसों दूर हैं। डिजिटल दुनिया में शक्तिशाली कंपनियों के एक छोटे से समूह का वर्चस्व बना हुआ है, जो चुपचाप ऑफ़लाइन दुनिया में मौजूद शक्ति संरचनाओं और समीकरणों को मज़बूत करता है। बल्कि ऐसा कहना अतिशयोकित न होगी कि डिजिटल दुनिया में भी वास्तविक दुनिया की वही सारी ख़ामियाँ प्रतिबिंबित  होती हैं, जो कुछ शक्तिशाली इकाइयों के वर्चस्व के फलस्वरूप उपजी हैं। लेखक और शोधकर्ता राजीव मल्होत्रा ​​​​ने अपनी पुस्तक “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड द फ्यूचर ऑफ़ पावर” में इस बात पर प्रकाश डाला है कि कैसे कुछ बड़ी टेक कंपनियों का डिजिटल दुनिया पर आधिपत्य वैश्विक विषमताओं को और अधिक बढ़ाता है, जिससे शक्तिशाली और भी मज़बूत होता चला जाता है और कमज़ोर बद से बदतर हो जाता है।[1] वह भारत जैसे देशों के लिए अपने स्वयं के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित करने के महत्व पर भी ज़ोर देते हैं, जो इन कंपनियों द्वारा प्रचारित यूरोसेंट्रिक कथाओं के एकाधिकार का मुकाबला करने के लिए एक धर्मिक दृष्टिकोण पर आधारित हों।[2]

AI प्लेटफॉर्म्स की पक्षपाती प्रकृति विशेष रूप से विकिपीडिया जैसे प्लेटफ़ॉर्म में स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है। जबकि यह सूचना का एक तटस्थ, वस्तुनिष्ठ और सेंसरशिप-मुक्त स्रोत होने का दावा करता है, विकिपीडिया अक्सर इन आदर्शों पर खरा उतरने में विफल रहता है।

विकिपीडिया खुद को इस प्रकार परिभाषित करता है: स्वयंसेवकों के एक समुदाय द्वारा लिखित और प्रबंधित एक मुफ़्त ऑनलाइन सामग्री विश्वकोश, जिसे विकिपीडिया के रूप में जाना जाता है, जो इसे खुले सहयोग और सॉफ़्टवेयर मीडिया विकी के माध्यम से सुचारु रूप से चलाते हैं… ज्ञान के लोकतंत्रीकरण, कवरेज की सीमा, अद्वितीय संरचना और संस्कृति को सक्षम बनाने के लिए विकिपीडिया की प्रशंसा की गई है।[3]

लेकिन क्या विकिपीडिया वास्तव में उतना ही तटस्थ और निष्पक्ष है जितना वह दावा करता है? इसके सह-संस्थापक लैरी सेंगर के अनुसार, इसका उत्तर “न”  है। सेंगर ने विकिपीडिया के वैचारिक पूर्वाग्रह के बारे में बार-बार बात की है। लेखक और कार्यकर्ता क्रिस्टोफर एफ. रुफ़ो के साथ अप्रैल 2024 के एक साक्षात्कार में, सेंगर ने बताया कि विकिपीडिया का पूर्वाग्रह कोई नया मुद्दा नहीं है। वह विकिमीडिया फ़ाउंडेशन की पूर्व सीईओ कैथरीन माहेर के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जो साक्षात्कार के अनुसार, अब NPR की सीईओ हैं। माहेर पर “स्वतंत्र और खुले” इंटरनेट के सिद्धांतों को अस्वीकार करने और वामपंथी सापेक्षवाद के पक्ष में “उद्देश्यपूर्ण सत्य” को त्यागते हुए असहमति को सेंसर करने के लिए कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों के साथ काम करने का आरोप लगाया गया है। सेंगर ने यह भी सुझाव दिया कि विकिपीडिया पर जानकारी में हेरफेर और सेन्सरशिप करने में कई समूह शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में संभावित खिलाड़ियों के रूप में विकिमीडिया फ़ाउंडेशन, सरकारों और यहाँ तक कि CIA का भी उल्लेख किया।[4]

2021 में, लैरी सेंगर ने खुले तौर पर विकिपीडिया की आलोचना करते हुए कहा था कि इस पर सच्चाई पेश करने के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने मंच के वैचारिक पूर्वाग्रह की ओर इशारा करते हुए तर्क दिया कि यह विवादास्पद मुद्दों पर सच्चाई के केवल एक संस्करण को बढ़ावा देता है। सेंगर ने चेतावनी दी कि विकिपीडिया की प्रणाली धनी और शक्तिशाली लोगों को अपने हितों और एजेंडों के अनुरूप जानकारी में हेरफेर करने की खुली छूट देती है।[5]

विकिपीडिया प्रकाशक के बजाय मध्यस्थ होने का दावा करता है, यह एक ऐसा रुख है जो इसे अपने पृष्ठों पर प्रकाशित सामग्री के प्रति कानूनी ज़िम्मेदारी से बचने में मदद करता है। हालाँकि, इस स्थिति पर सरकारों द्वारा तेज़ी से सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल ही में, भारत के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने विकिपीडिया की मध्यस्थ स्थिति को चुनौती देते हुए एक नोटिस जारी किया और पूछा कि इसे प्रकाशक के रूप में क्यों नहीं माना जाना चाहिए। मंत्रालय ने विकिपीडिया के केंद्रीकृत संपादकीय नियंत्रण और प्लेटफ़ॉर्म पर व्याप्त पक्षपात और अशुद्धियों के बारे में लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर भी चिंता जताई।[6]

विकिपीडिया की परेशानियाँ थमने का नाम नहीं ले रहीं। उसे भारतीय समाचार एजेंसी ANI द्वारा दायर किए गए मानहानि के मुकदमे का भी सामना करना पड़ रहा है। ANI ने विकिपीडिया पर अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए झूठी और अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने का आरोप लगाया और आर्थिक मुआवजे की माँग की। ANI का आरोप है कि विकिपीडिया ने संगठन के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के लिए पक्षपाती स्रोतों पर भरोसा किया।[7]

यहाँ एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है: विकिपीडिया स्थापित मीडिया आउटलेट्स के खिलाफ ऐसे मूल्य-युक्त आरोप लगाते हुए एक तटस्थ मध्यस्थ होने का दावा भला कैसे कर सकता है? ये चुनौतियाँ महज़ एक शुरुआत मात्र लगती हैं, क्योंकि बहुत से शोध अध्ययन विकिपीडिया के वैचारिक पूर्वाग्रहों को उजागर करते हैं और उन्हें जनता के ध्यान में लाते हैं।

आइये इनके बारे में विस्तार से जानें।

विकिपीडिया के वैचारिक झुकाव को उजागर करना

मैनहट्टन इंस्टीट्यूट ने जून 2024 में विकिपीडिया के राजनीतिक पूर्वाग्रह की जांच करने वाले एक शोध अध्ययन के निष्कर्ष जारी किए। अध्ययन में विकिपीडिया सामग्री से चुने गए राजनीतिक अर्थ वाले लक्ष्य शब्दों के एक सेट का भावना विश्लेषण किया गया (उदाहरण के लिए, हाल के अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों, राष्ट्रपतियों, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, पश्चिमी देशों के प्रधानमंत्रियों के नाम)।

अध्ययन में सामग्री एनोटेशन के लिए एक बड़े भाषा मॉडल का उपयोग करके कम्प्यूटेशनल सामग्री विश्लेषण की पद्धति का उपयोग किया गया। शोध के मुख्य निष्कर्ष हैं:

  • विकिपीडिया में centre-right यानी दक्षिणपंथी वैचारिक झुकाव वाली सार्वजनिक हस्तियों को centre-left यानी वामपंथी वैचारिक झुकाव प्रदर्शित करने वालों की तुलना में अधिक नकारात्मक भावना से जोड़ने की एक हल्की से मध्यम प्रवृत्ति है।
  • हाल के अमेरिकी राष्ट्रपतियों, सीनेटरों, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों, राज्य के राज्यपालों, प्रतिनिधि सभा के कांग्रेस सदस्यों, प्रमुख अमेरिकी पत्रकारों और मीडिया संगठनों और पश्चिमी देशों के प्रधानमंत्रियों के नामों के संदर्भ में, दक्षिणपंथी वैचारिक झुकाव और अत्यधिक नकारात्मक भावना के बीच एक सकारात्मक सहसंबंध स्पष्ट तौर पर पाया गया।
  • अध्ययन में वैचारिक रूप से “दक्षिणपंथी” झुकाव वाले सार्वजनिक व्यक्तियों के साथ क्रोध और घृणा जैसी नकारात्मक भावनाओं और वैचारिक रूप से “वामपंथी” झुकाव वाले सार्वजनिक व्यक्तियों के साथ खुशी जैसी सकारात्मक भावनाओं के प्रचलित जुड़ाव के प्रमाण भी मिले।
  • अध्ययन में यह भी पता चला कि विकिपीडिया की सामग्री में अंतर्निहित कुछ मूल्य-युक्त राजनीतिक पूर्वाग्रहों ने ओपनएआई के भाषा मॉडल में भी अपना रास्ता बना लिया, जिससे विकिपीडिया की सामग्री में पूर्वाग्रहों के विभिन्न एआई प्रणालियों में फैलने की संभावना के बारे में और अधिक चिंता पैदा हो गई।[8]

जून 2024 के न्यूयॉर्क पोस्ट के एक ओपिनियन पीस में, स्तंभकार बेथनी मैंडेल ने मैनहट्टन इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें विकिपीडिया के वामपंथी पूर्वाग्रह की पुष्टि की गई है। मैंडेल ने इस पूर्वाग्रह का सामना करने के अपने व्यक्तिगत अनुभव को भी साझा किया:

विकिपीडिया के संदर्भ में एक conservative या दक्षिणपंथी होने का मतलब है कि आपसे मिलने वाला हर व्यक्ति पहले से ही आपके बारे में कुछ नकारात्मक सामग्री पढ़ चुका है, जो संभावित रूप से सैकड़ों लोगों द्वारा क्राउडसोर्स की गयी है, जो दुनिया को आपके बारे में संभवत: सबसे खराब संभव दृष्टिकोण दिखाने  के लिए संकल्परत हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप मेरी विकिपीडिया प्रविष्टि को देखें, तो दस साल पहले मैंने इजरायली किशोर लड़कों के खिलाफ एक विशेष रूप से क्रूर हमले के मद्देनजर हमास पर परमाणु हमला करने के बारे में जो एक ट्वीट लिखा था, उस पर  पर बहुत अधिक ज़ोर दिया गया है – मुझे एक नरसंहार करने वाले मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के रूप में चित्रित करने के उद्देश्य से यह सब किया गया है। यह एक जानी मानी और सुनियोजित प्रवृत्ति का हिस्सा है: Conservative सार्वजनिक हस्तियां, साथ ही साथ दक्षिणपंथी संगठन, नियमित रूप से एक वैचारिक पूर्वाग्रह का शिकार होते हैं जो विकिपीडिया संपादकों के बीच बना रहता है। [9]

भारतीय मीडिया आउटलेट ऑपइंडिया ने हाल ही में विकिपीडिया के कथित वामपंथी पूर्वाग्रह को उजागर करते हुए एक अध्ययन प्रकाशित किया, विशेष रूप से भारतीय संदर्भ में। “विकिपीडिया भारत के खिलाफ वामपंथी प्रचार का साधन कैसे बन गया है” शीर्षक वाला विस्तृत डोसियर विकिपीडिया और विकिमीडिया फाउंडेशन द्वारा सार्वजनिक की गयी ओपन सोर्स जानकारी पर आधारित है, जिसमें फाउंडेशन के आधिकारिक पृष्ठों से वित्तीय खुलासे भी शामिल हैं।

ऑपइंडिया शोध के मुख्य निष्कर्षों में शामिल हैं:

  • विकिपीडिया उस खुले और सामूहिक संसाधन से बहुत दूर है, जैसा कि यह खुद को दर्शाता है। इसके बजाय, दुनिया भर में 435 सक्रिय प्रशासकों के पास महत्वपूर्ण नियंत्रण है, जो स्रोतों को ब्लैकलिस्ट कर सकते हैं, संपादकों पर प्रतिबंध लगा सकते हैं और संपादन पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं।
  • प्रशासकों और संपादकों का एक छोटा समूह कथित तौर पर भारत विरोधी और हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह के साथ सामग्री को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है। उल्लेखनीय रूप से, एक संपादक पर मणिपुर में अशांति भड़काने का आरोप लगाया गया है। वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के प्रयासों को कथित तौर पर अवरुद्ध कर दिया गया है।
  • विकिमीडिया फाउंडेशन को ओपन सोसाइटी फाउंडेशन, टाइड्स फाउंडेशन और रॉकफेलर फाउंडेशन जैसे संगठनों से पर्याप्त धन प्राप्त होता है। इस अध्ययन में भारत के खिलाफ जॉर्ज सोरोस के आलोचनात्मक बयानों का उल्लेख किया गया है, जिसमें इन फंडिंग स्रोतों की प्रासंगिकता पर ज़ोर दिया गया है।
  • टाइड्स और विकिमीडिया जैसी संस्थाओं पर भारत की संप्रभुता के खिलाफ काम करने वाले समूहों का समर्थन करने का आरोप है, जिसमें इक्वेलिटी लैब्स और हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स जैसे संगठन शामिल हैं।
  • हालांकि विकिमीडिया फाउंडेशन ने 2019 में भारत में अपनी पंजीकृत सोसायटी को बंद कर दिया, लेकिन यह देश से महत्वपूर्ण दान एकत्र करना जारी रखता है और कथित तौर पर वामपंथी एनजीओज़ को फंड करता है।[10] [11]

विकिपीडिया के कथित वामपंथी पूर्वाग्रह पर अन्य उल्लेखनीय अध्ययनों में दो अमेरिकी शिक्षाविदों द्वारा लिखित द लेफ्ट-विंग बायस ऑफ़ विकिपीडिया, जिसे ब्रिटिश पत्रिका द क्रिटिक में प्रकाशित किया गया था, और एशले रिंड्सबर्ग का पाइरेट वायर्स शोध, हाउ विकिपीडिया लॉन्डर्स रेजीम प्रोपेगैंडा शामिल हैं।[12] हालाँकि इन शोध अध्ययनों की विस्तृत चर्चा इस लेख के दायरे से बाहर है, लेकिन ये विकिपीडिया के कथित वैचारिक झुकाव का विश्लेषण करने वाले शोध के बढ़ते दायरे को उजागर करते हैं।

हिंदुओं के प्रति विकिपीडिया का पूर्वाग्रह

 भारत में दक्षिणपंथी व्यक्तियों और संगठनों के प्रति विकिपीडिया के व्यवहार में वामपंथी पूर्वाग्रह पूर्णतया स्पष्ट है। अनेकों दक्षिणपंथी हस्तियों और संगठनों पर  विकिपीडिया के कोई पृष्ठ ही मौजूद नहीं हैं। जिन पर मौजूद हैं भी, वहाँ ये  प्रविष्टियाँ अक्सर इन इकाइयों और हस्तियों का नकारात्मक चित्रण करती हैं, जिससे संभावित रूप से पाठकों की धारणायें प्रभावित होती हैं। नीचे यह समझाने के लिए कुछ उदाहरण दिए गए हैं कि कैसे ऐसी प्रविष्टियाँ पक्षपाती या विकृत दिखाई देती हैं।

  • राजीव मल्होत्रा ​​- राजीव मल्होत्रा ​​एक प्रसिद्ध लेखक और शोधकर्ता हैं, जिनकी वेबसाइट उन्हें “एक बेस्ट-सेलिंग लेखक और सभ्यताओं पर शोध में अग्रणी और ऐतिहासिक, सामाजिक विज्ञान और मन विज्ञान के दृष्टिकोण से प्रौद्योगिकी और मीडिया के साथ उनके जुड़ाव” के रूप में वर्णित करती है। हालाँकि, उनकी विकिपीडिया प्रविष्टि उन्हें अलग तरीके से प्रस्तुत करती है, उन्हें एक भारतीय मूल के अमेरिकी दक्षिणपंथी हिंदुत्व विचारक और इन्फिनिटी फाउंडेशन के संस्थापक के रूप में वर्णित करती है, जो इंडिक स्टडीज पर ध्यान केंद्रित करते हैं।[13]

विकिपीडिया विवरण मल्होत्रा ​​को तुरंत एक विशिष्ट वैचारिक दृष्टिकोण द्वारा पेश करता है, उन्हें “दक्षिणपंथी हिंदुत्व विचारक” लेबल करके। शब्दों का यह चयन वामपंथी विमर्श में अक्सर देखी जाने वाली व्यापक कथा के साथ मेल खाता है, जो “हिंदू धर्म” और “हिंदुत्व” के बीच एक स्पष्ट अंतर पैदा करता है। हिंदू धर्म को शांतिपूर्ण और समावेशी के रूप में चित्रित किया जाता है, जबकि हिंदुत्व को खतरनाक, विभाजनकारी और असहिष्णु के रूप में चित्रित किया जाता है। मल्होत्रा ​​को “हिंदुत्व विचारक” कहकर, प्रविष्टि सूक्ष्म रूप से पाठक को उनके काम को नकारात्मक लेंस के माध्यम से देखने के लिए प्रभावित करती है।

जबकि विकिपीडिया पेज मल्होत्रा ​​की विद्वता पर चर्चा करता है, यह पूरे लेख में पूर्वाग्रहों का परिचय देता है। इन पूर्वग्रहों का उद्देश्य उनकी विश्वसनीयता को कम करना प्रतीत होता है, कुछ इस प्रकार का सुझाव देते हुए कि उनके कार्यों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए या उनके शोध कार्यों का केवल उनकी विद्वतापूर्ण योग्यता के आधार पर मूल्यांकन नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि वे दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े प्रतीत होते हैं।

  • मधु पूर्णिमा किश्वर: मधु किश्वर एक भारतीय शिक्षाविद, लेखिका और नारीवादी विद्वान हैं, जो वामपंथी उदारवादी गुट के खिलाफ़ काफ़ी मुखर रही हैं। उनकी नवीनतम पुस्तक, “द गर्ल फ्रॉम कठुआ: ए सैक्रिफ़िशियल विक्टिम ऑफ़ ग़ज़वा-ए-हिंद” 2023 में लॉन्च की गई थी। लेकिन उनकी विकिपीडिया प्रविष्टि उन्हें “एक भारतीय शिक्षाविद और हिंदुत्व टिप्पणीकार” के रूप में वर्णित करती है। एक संक्षिप्त परिचय के बाद, यह जल्दी से जोड़ा जाता है, “जबकि उनके पहले के काम को शिक्षाविदों और साथी कार्यकर्ताओं द्वारा अनुकूल रूप से आंका गया था, उनके समकक्ष 90 के दशक के बाद उनसे अलग हो गए जब उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा को अपनाया।”[14]

ये पंक्तियाँ पक्षपातपूर्ण लगती हैं, और मधु किश्वर और हिंदुत्व दोनों को नकारात्मक रूप में चित्रित करती हैं। संपादकीय स्वर तटस्थ से बहुत दूर लगता है, यह सुझाव देता है कि किश्वर अब हिंदुत्व से अपने जुड़ाव और दक्षिणपंथी विचारधारा की और जाने के कारण विश्वसनीय नहीं हैं।

इसके अलावा, लेख में अक्सर स्क्रॉल, द प्रिंट और ऑल्ट न्यूज़ जैसे वामपंथी मीडिया आउटलेट्स का हवाला दिया गया है, जो गैर-वामपंथी हस्तियों और संगठनों के खिलाफ अपने आलोचनात्मक रुख के लिए जाने जाते हैं। ऐसे स्रोतों पर यह निर्भरता प्रविष्टि की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।

  • एशिया न्यूज़ इंटरनेशनल (एएनआई) – भारत की जानी-मानी न्यूज़ एजेंसी एएनआई पर विकिपीडिया की प्रविष्टि काफी तीखी है। इसमें एजेंसी पर भारत सरकार के मुखपत्र के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया है: “कंपनी के बारे में द कारवां और द केन द्वारा की गई जांच में आरोप लगाया गया है कि एएनआई दशकों से भारत सरकार के साथ निकटता से जुड़ी हुई है, जिसमें कांग्रेस शासन भी शामिल है, लेकिन विशेष रूप से 2014 में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव के बाद, इसकी रिपोर्टिंग कथित तौर पर सरकार के एजेंडे के लिए प्रचार उपकरणके रूप में काम करती है[15]

विकिपीडिया लेख द्वारा तथाकथित जांच के बारे में अपने दावों के लिए उद्धृत स्रोतों में से एक द कारवां है, जो एक चरम वामपंथी प्रकाशन है जो भारत विरोधी आख्यानों को बढ़ावा देने के अपने इतिहास के लिए जाना जाता है।

विकिपीडिया लेख, जो एएनआई जैसे विश्वसनीय मीडिया आउटलेट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाता है, द कारवां सहित केवल दो प्रकाशनों के आख्यानों पर बहुत अधिक निर्भर लगता है। विकिपीडिया ANI के संतुलित कवरेज से काफी नाराज़ प्रतीत है, जिसमें विविध दृष्टिकोण शामिल हैं, और इस बात के लिए इसकी आलोचना करता दिखता है कि यह चरम -वामपंथी प्रचार तंत्र के साथ तालमेल नहीं रखता है।

  • हिंदुत्व – शायद इनमे सबसे ज़्यादा ज़हरीली प्रविष्टि विकिपीडिया की “हिंदुत्व” की परिभाषा है। यह हिंदुत्व को एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में वर्णित करता है, जो हिंदू राष्ट्रवाद के सांस्कृतिक औचित्य और भारत के भीतर हिंदू आधिपत्य स्थापित करने में विश्वास को शामिल करती है।[16]

VHP, RSS, आदि जैसे संगठनों पर विकिपीडिया प्रविष्टियाँ इसी तरह के पैटर्न का पालन करती हैं, इन संगठनों पर उनके दर्शन और कार्य का वस्तुनिष्ठ विश्लेषण देने के बजाय असहिष्णु और विभाजनकारी होने का आरोप लगाती हैं।

प्रविष्टि आगे कहती है, “हिंदुत्व आंदोलन को विभिन्न रूप से दक्षिणपंथी उग्रवाद के एक रूप के रूप में वर्णित किया गया है, ‘शास्त्रीय अर्थ में लगभग फासीवादी’ के रूप में, समरूप बहुमत और सांस्कृतिक आधिपत्य की अवधारणा का पालन करने वाला, और एक अलगाववादी विचारधारा के रूप में।”

हालांकि इन दावों को विभिन्न स्रोतों से जोड़ा गया है, लेकिन इससे विकिपीडिया को हिंदुत्व के अत्यधिक नकारात्मक चित्रण को बढ़ावा देने की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जा सकता है। चुनिंदा राय का हवाला देकर, लेख एक अतिरंजित और शत्रुतापूर्ण कथा बनाता है, जो हिंदुत्व को विभाजनकारी, घृणास्पद और हिंसक के रूप में चित्रित करती है।

हालाँकि प्रविष्टि में हिंदुत्व की वैकल्पिक परिभाषाओं, जैसे कि “हिंदू होने का सार” या “हिंदूपन” के संदर्भ शामिल हैं, लेकिन यह मुख्य रूप से एक मनगढ़ंत और नकारात्मक चित्रण पर ज़ोर देता है, जो हिंदुत्व को एक विभाजनकारी राजनीतिक विचारधारा के रूप में पेश करता है।

विकिपीडिया को जवाबदेह ठहराना

ऑपइंडिया अध्ययन से पता चलता है कि विकिपीडिया एक प्रकाशक की तरह काम करता है, जिसमें विशेषाधिकार प्राप्त प्रशासकों का एक चुनिंदा समूह इसके  संपादकीय रुझान को नियंत्रित करता है। इसके बावजूद, विकिपीडिया एक खुला मंच होने का दावा करके अपनी सामग्री के लिए जवाबदेही से बचता है जहाँ कोई भी योगदान दे सकता है।

शोध में आगे यह भी पता चलता है कि इनमें से कई प्रशासकों और संपादकों को विभिन्न परियोजनाओं के लिए विकिमीडिया फ़ाउंडेशन से अनुदान मिलता है, जो प्लेटफ़ॉर्म के सभी के लिए मुफ़्त और पूरी तरह से समुदाय द्वारा संचालित होने के दावे को कमज़ोर करता है।[17] परिणामस्वरूप, भारत में विकिपीडिया को देश के कानूनों के तहत एक प्रकाशक के रूप में जवाबदेह ठहराए जाने की मांग बढ़ रही है। ऑपइंडिया अध्ययन भारत में प्लेटफ़ॉर्म की कानूनी जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई सुझाव देता है:

  • विकिपीडिया को प्रकाशक घोषित करें—ऑपइंडिया अध्ययन का सुझाव है कि भारत सरकार विकिपीडिया को उसके संपादकीय नियंत्रण और प्रशासकों और संपादकों को दिये गये भुगतान के कारण प्रकाशक के रूप में वर्गीकृत करे। इस पदनाम के लिए विकिमीडिया फ़ाउंडेशन को भारत में एक आधिकारिक उपस्थिति स्थापित करने, शिकायत निवारण तंत्र को लागू करने और मीडिया प्रकाशकों को नियंत्रित करने वाले भारतीय कानूनों का पालन करने की आवश्यकता होगी।
  • विकिपीडिया के वित्तीय लेन-देन की जांच करें – अध्ययन में सिफारिश की गई है कि भारत सरकार भारत में विकिमीडिया फाउंडेशन की वित्तीय गतिविधियों की जांच करे। भारत में जुटाए गए और खर्च किए गए फंड को एनजीओज को नियंत्रित करने वाले एफसीआरए क़ानून और वित्तीय पारदर्शिता को नियंत्रित करने वाले आईटी नियमों जैसे कानूनों का पालन करना चाहिए।
  • प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 के तहत मूल्यांकन करें – ऑपइंडिया का प्रस्ताव है कि संभावित प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं को संबोधित करने के लिए विकिपीडिया का मूल्यांकन प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 के तहत किया जाना चाहिए। अध्ययन में तर्क दिया गया है कि Google के प्रभुत्व की सहायता से विकिपीडिया, स्थानीय प्रतिस्पर्धियों और भारतीय वेबसाइटों को नुकसान पहुँचाते हुए बाज़ार को अनुचित रूप से अपनी और झुकाता है, जो इसके संपादकीय रुख के साथ संघर्ष करते हैं। यह शोध इस कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार के लिए विकिमीडिया फ़ाउंडेशन और Google की जाँच करने का आह्वान करता है।[18]
  • विकिपीडिया की स्थापना एक महान दृष्टिकोण के साथ की गई थी, लेकिन समय के साथ, यह वामपंथी प्रचार के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में विकसित हुआ है, जैसा कि कई शोध रिपोर्टों से पता चलता है। इसका अपार प्रभाव निर्विवाद है, yah अक्सर व्यक्तियों, संगठनों या घटनाओं के बारे में खोजों के लिए Google पर शीर्ष परिणाम होता है, जो सार्वजनिक आख्यानों को आकार देने में इसके प्रभुत्व को उजागर करता है।

विकिपीडिया के वैचारिक पूर्वाग्रह के बारे में चिंताएँ सिर्फ़ भारत तक सीमित नहीं हैं; अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से भी इसी तरह के अध्ययन सामने आए हैं। यह वैश्विक स्तर पर प्लेटफ़ॉर्म की जवाबदेही को संबोधित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकिपीडिया को प्रकाशक के रूप में वर्गीकृत करने के लिए कानूनी उपायों पर ज़ोर देने का समय आ गया है।

समापन टिप्पणी

जैसे-जैसे विकिपीडिया डिजिटल परिदृश्य पर प्रतिस्पर्धा की कमी के चलते हावी होता जा रहा है, अन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म्स को प्रभावित करने वाले इसके पूर्वाग्रहों के बारे में चिंता बढ़ रही है।

मैनहट्टन इंस्टीट्यूट के शोध ने विकिपीडिया के संदर्भ में इस मुद्दे को उजागर किया है। इसने विकिपीडिया और ओपनएआई दोनों से प्राप्त शब्द एम्बेडिंग में विशिष्ट राजनीतिक शब्दों और “भावना शब्दों” के बीच के संबंध का विश्लेषण किया। निष्कर्षों से पता चला कि इन प्लेटफॉर्म्स पर भावनायें किस प्रकार से अंतर्निहित हैं,  इसमें एक हल्का से मध्यम सहसंबंध है।

अध्ययन चेतावनी देता है कि विकिपीडिया के अंतर्निहित पूर्वाग्रह से भी बड़ी चिंता इसकी व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली AI प्रणालियों में व्याप्त होने की क्षमता है। विकिपीडिया की आधिकारिक स्थिति और बड़े भाषा मॉडल (LLM) सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव, व्यापक AI तंत्र में इसके पूर्वाग्रहों को फैलाने का एक गंभीर जोखिम प्रस्तुत करता है।[19]

‘Stop Hindudvesha’ ने पहले Google Gemini और ChatGPT जैसे बड़े भाषा AI मॉडल्स में देखे गए भारत विरोधी और हिंदू विरोधी पूर्वाग्रहों को उजागर करने वाले लेखों की एक श्रृंखला प्रकाशित की थी। इन अध्ययनों के उदाहरण दिखाते हैं कि किस प्रकार से जब इन AI मॉडल्स से भारतीय राजनीतिक हस्तियों, हिंदू धर्म, हिंदुत्व और हिंदू देवताओं के बारे में सवाल पूछे गये, तो इनके जवाबों से पता चला कि ये मॉडल किस प्रकार से इन सभी विषयों को लेकर बहुत से पूर्वाग्रहों से ग्रस्त हैं। जिस प्रकार के भारत विरोधी और हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह इन AI मॉडल्स में पाये गये, ठीक उसी प्रकार से  विकिपीडिया भारत और हिंदू संस्कृति के खिलाफ समान पूर्वाग्रहों को दर्शाता है।

ये चिंताएँ भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जहाँ हिंदू विरोधी और भारत विरोधी ताकतों का एक समन्वित नेटवर्क एक बेहद सुनियोजित बौद्धिक विमर्श के माध्यम से काम करता है। ऐसे प्रयासों का लक्ष्य अक्सर भारतीय संस्कृति और सभ्यता को कमज़ोर करने, राष्ट्र को अस्थिर करने और इसकी अखंडता को खतरे में डालने के प्रयास के रूप में माना जाता है।

इन चुनौतियों को देखते हुए, यह ज़रूरी है कि विकिपीडिया को विनियमित किया जाए और इसकी सामग्री के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।

संदर्भ 

[1] Artificial Intelligence and the Future of Power by Rajiv Malhotra

[2] Ibid.

[3] Wikipedia – Wikipedia; https://en.wikipedia.org/wiki/Wikipedia#:~:text=Wikipedia%20is%20a%20free%20content,and%20the%20wiki%20software%20MediaWiki.

[4]  Larry Sanger Speaks Out – Christopher F. Rufo; https://christopherrufo.com/p/larry-sanger-speaks-out

[5] Nobody should trust Wikipedia, says man who invented Wikipedia | The Independent;     https://www.independent.co.uk/news/world/americas/us-politics/wikipedia-founder-larry-sanger-democrats-b1885138.html

[6] Why has the Indian government issued a notice to Wikipedia? Explained in 5 points – India Today;        https://www.indiatoday.in/technology/features/story/why-has-the-indian-government-issued-a-notice-to-wikipedia-explained-in-5-points-2628947-2024-11-06

[7] Govt asks Wikipedia why it shouldn’t be considered a publisher: Read what it means and how OpIndia dossier had highlighted this aspect; https://www.opindia.com/2024/11/govt-asks-wikipedia-why-it-shouldnt-be-considered-a-publisher-read-how-opindia-dossier-had-highlighted-this-aspect/

[8] Is Wikipedia Politically Biased? | Manhattan Institute;  https://manhattan.institute/article/is-wikipedia-politically-biased

[9]  Wikipedia’s lefty bias measured in study – but I’ve felt it firsthand;    https://nypost.com/2024/06/25/opinion/wikipedias-lefty-bias-measured-in-study-but-ive-felt-it-firsthand/

[10] Wikipedia War on India: A detailed research paper;  https://www.opindia.com/2024/09/opindia-wikipedia-full-research-paper-left-bias-financial-links-india-law/#google_vignette

[11] Wikipedia Dossier_by_OpIndia pdf – Google Drive;  https://drive.google.com/file/d/1bkwkylx0KcfSGnyVkhEApeJfIkTwVdjf/view

[12] Ibid.

[13] Rajiv Malhotra – Wikipedia; https://en.wikipedia.org/wiki/Rajiv_Malhotra

[14] Madhu Kishwar – Wikipedia;  https://en.wikipedia.org/wiki/Madhu_Kishwar

[15]  Asian News International – Wikipedia;  https://en.wikipedia.org/wiki/Asian_News_International

[16] Hindutva – Wikipedia; https://en.wikipedia.org/wiki/Hindutva#:~:text=According%20to%20Merriam%2DWebster’s%20Encyclopedia,this%20’Hindu%2Dness‘.

[17]   Wikipedia War on India: A detailed research paper; https://www.opindia.com/2024/09/opindia-wikipedia-full-research-paper-left-bias-financial-links-india-law/#google_vignette

[18] Ibid.

[19] Is Wikipedia Politically Biased? | Manhattan Institute; https://manhattan.institute/article/is-wikipedia-politically-biased

Rati Agnihotri
Rati Agnihotri
Rati Agnihotri is an independent journalist and writer currently based in Dehradun (Uttarakhand). Rati has extensive experience in broadcast journalism, having worked as a Correspondent for Xinhua Media for 8 years. She has also worked across radio and digital media and was a Fellow with Radio Deutsche Welle in Bonn. Rati regularly contributes articles to various newspapers, journals and magazines. Her articles have been recently published in "Firstpost", "The Sunday Guardian", " Organizer", OpIndia", "Hindupost", "Garhwal Post", "Sanatan Prabhat", etc. Rati writes extensively on issues concerning politics, geopolitics, Hindu Dharma, culture, society, etc. The points of intersection between geopolitics and culture are of special interest to her. A lot of her work explores issues concerning Bharat's civilizational and cultural ethos from a global perspective. She obtained her master’s degree in International Journalism from the University of Leeds, UK and a BA (Hons) English Literature from Miranda House, Delhi University. Rati is also a bilingual poet (English and Hindi) with two collections of English poetry to her credit. Her first poetry collection "The Sunset Sonata" has been published by Sahitya Akademi, India's National Academy of Letters. Her second poetry book "I'd like a bit of the Moon" has been published by Red River.
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