छांगुर बाबा इस्लामिक धर्मांतरण रैकेट: हिंदू पहचान और सभ्यता पर प्रहार

जांच एजेंसियाँ छांगुर बाबा के विदेशी फंडिंग और आतंकी लिंक की पड़ताल कर रही हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि हिंदू कब तक ऐसे संगठित धर्मांतरण रैकेटों को अनदेखा करेंगे, जो उनकी महिलाओं को निशाना बनाते हैं, ज़मीन-जायदाद हड़प लेते हैं और भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक आत्मा को खोखला करते हैं?
  •  छांगुर धर्मांतरण रैकेटयह साफ़ दिखाता है कि हिंदुओं का बड़े पैमाने पर अब्राहमिक धर्मों में धर्म-परिवर्तन करने की साज़िश के पीछे विदेशी फंडिंग की अहम भूमिका है।
  • हिंदुओं के धर्म परिवर्तन को अंजाम देने के लिए छांगुर बाबा और उसके साथियों ने कई हथकंडे अपनाए, जिनमे पैसों का लालच, नौकरी का वादा, लव जिहाद, यौन शोषण, धमकी, डराना-धमकाना और मानसिक दबाव शामिल थे।
  • छांगुर मामले की जाँच केवल एक धर्मांतरण रैकेट के रूप में नहीं हो रही, बल्कि इसे भारी विदेशी फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों से जुड़ी साज़िश के तौर पर देखा जा रहा है।
    इस रैकेट का असली मकसद जनसंख्या का संतुलन बिगाड़ना है, इसलिए इसका मुख्य निशाना हिंदू महिलाएँ बनीं। जाँच में तो यह भी सामने आया कि धर्मांतरण के लिए जाति के आधार पर बाकायदा रेट लिस्टबनाई गई थी — यानी महिलाओं के शोषण की तय कीमत।
    विडंबना यह है कि कई लिबरल और प्रगतिशील हिंदू अनजाने में इन नेटवर्क्स के सहायक बन जाते हैं — कभी खतरे को हल्के में लेकर, तो कभी उन नैरेटिव्स का समर्थन करके जो इन साज़िशों को ढकते हैं।

एक आदमी जो साइकिल पर सवार हो ताबीज़, अँगूठियाँ, आदि छोटा-मोटा सामान बेचता था और खुद को एक धार्मिक “चमत्कारी बाबा” बताता था, वही आगे चलकर एक अंतरराष्ट्रीय धर्मांतरण गिरोह का सरगना बन गया। यही नहीं, उसके पास 40 बैंक खातों में 106 करोड़ रुपए[1] (लगभग 13 मिलियन डॉलर) जमा पाए गए। जलालुद्दीन उर्फ़ छांगुर बाबा की यूँ रातोंरात फटेहाल से दौलतमंद बनने की दास्तान किसी बॉलीवुड फिल्म की पटकथा जैसी लगती है। लेकिन इस कहानी के भीतर छिपा डरावना सच सबके दिलो-दिमाग़ को झकझोर कर रख देता है।

हाल ही में गिरफ्तार किए गए छांगुर बाबा पर हज़ारों भोले-भाले हिंदुओं का धर्मांतरण करवाने का आरोप है। उसका नेटवर्क खासतौर पर हिंदू महिलाओं को निशाना बनाता था। यह पूरा मामला धमकी, वसूली, हिंसा, यौन शोषण, पैसे का प्रलोभन, डराने-धमकाने और मानसिक ब्रेनवॉश जैसी गंदी चालबाज़ियों से भरा पड़ा है।

हिंदुओं के जबरन धर्मांतरण में विदेशी फंडिंग की भूमिका भारत में लंबे समय से चिंता का विषय रही है। फरवरी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा था कि कुछ एनजीओ शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर विदेशों से पैसा लाते हैं और फिर उसे धर्मांतरण पर खर्च करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऐसी संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई होगी।[2] नवंबर 2024 में गृह मंत्रालय ने ऐलान किया कि अगर किसी भी एनजीओ का नाम धर्मांतरण संबंधी गतिविधियों या किसी आतंकवादी/कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा पाया गया, तो उसका एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। [3]

छांगुर मामला दिखाता है कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हिंदुओं के धर्मांतरण के लिए हो रहा है। यह रैकेट बताता है कि अब अनौपचारिक नेटवर्क और कट्टरपंथी तत्वों के जरिए अवैध विदेशी धन भारत लाया जा रहा है। यूपी एटीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, छांगुर विदेशी फंडिंग की मदद से एक आतंकी प्रशिक्षण केंद्र बनाने की साज़िश भी रच रहा था। इस रैकेट के इस सरग़ना पर आरोप है कि उसने अलग-अलग विदेशी स्रोतों से — “खाड़ी देशों और शायद पाकिस्तान से भी” — करीब 500 करोड़ रुपए (लगभग 60 मिलियन डॉलर) 40 बैंक खातों के जरिए हासिल किए।[4]

फिलहाल इस मामले की यूपी एटीएस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) सहित कई एजेंसियों द्वारा जांच-पड़ताल की जा रही है, और समय के साथ और भी तथ्य सामने आएंगे। लेकिन छांगुर मजहबीकरण कांड एक बहुत बड़ी साज़िश का एक छोटा सा हिस्सा प्रतीत होता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश भर में ऐसे कई जिहादी नेटवर्क सक्रिय हैं, जो “ यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण, ब्लैकमेल और विदेशी पैसों से भारत को अस्थिर करने के कट्टरपंथी इस्लामिस्ट फ़ार्मूले” के अनुसार काम कर रहे हैं।[5]

पैसे का लालच, लव जिहाद, यौन शोषण और ब्लैकमेल

साइकिल पर ताबीज़ और अन्य छोटा-मोटा सामान बेचने वाला छांगुर बाबा सऊदी अरब और मुंबई में कुछ समय बिताने के बाद से ही रातोंरात अमीर बन गया। उसने कथित तौर पर इन दोनों जगहों में ही बेहद ताकतवर नेटवर्क्स खड़े किए।[6] यही आदमी आगे चलकर धर्मांतरण का एक बहुत बड़ा मास्टरमाइंड बना, और बलरामपुर, यूपी की चाँद औलिया दरगाह से अपना पूरा नेटवर्क चलाने लगा।[7] मनोवैज्ञानिक दबाव, मानसिक ब्रेनवाशिंग, धार्मिक प्रवचन, और शिजरा-ए-तैय्यबा नाम की किताब का इस्तेमाल कर लोगों को धर्म बदलने के लिए फँसाना –हिंदुओं के धर्मांतरण की साज़िश को अंजाम देने की प्रक्रिया में ये छांगुर बाबा के पसंदीदा हथकंडे थे।[8]

छांगुर बाबा का गिरोह हिंदू महिलाओं को निशाना बनाता था। उन्हें पैसे, नौकरी, पढ़ाई जैसे लालच देकर फँसाया जाता। मुस्लिम युवकों को हिंदू पहचान छुपाकर ‘लव जिहाद’ का नाटक करने के लिए तैयार किया जाता, ताकि वे लड़कियों को अपने जाल में फँसा सकें। बाद में उन पर दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराया जाता। मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है कि इस नेटवर्क में यौन शोषण, बलात्कार और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने जैसी घिनौनी करतूतें भी शामिल थीं[9]

छांगुर के इस धर्मांतरण कांड का शिकार बनी कई महिला पीड़िताओं ने लखनऊ में विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा जुलाई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर अपने अनुभव साझा किए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि छांगुर बाबा ने न सिर्फ उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया, बल्कि उसने अपने साथियों को बार-बार उनका बलात्कार करने के आदेश भी दिए। पीड़िताओं ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क के ज़रिए हिंदू लड़कियों को अवैध तरीक़े से पाकिस्तान और अन्य इस्लामिक देशों तक में सप्लाई किया जा रहा था।[10]

OpIndia की एक रिपोर्ट में कई पीड़ितों की दर्दनाक गवाही दर्ज है, जिसमे बताया गया है कि कैसे छांगुर बाबा ने हिंसा, यौन शोषण, धमकी, डराने-धमकाने और ब्लैकमेल का इस्तेमाल करके लोगों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।

  • बलरामपुर के एक हिंदू युवकहरजीत को नौकरी देने का लालच देकर फँसाया गया। बाद में उसे झूठे केस में फँसाने की धमकी देकर परेशान किया गया, और आखिरकार छांगुर बाबा और उसके साथी ने उससे जबरन इस्लाम कबूल करवाया।
  • उत्तर प्रदेश केज्योतिर्गम्य राय का आरोप है कि छांगुर बाबा ने उसका ब्रेनवॉश किया और उसे बाक़ायदा यह धमकी दी कि अगर वह परिवार सहित इस्लाम नहीं अपनायेगा, तो उसकी बेटियों की हत्या कर दी जाएगी।
  • लखनऊ की एक हिंदू महिलामानवी शर्मा ‘लव जिहाद’ की शिकार बनीं। बाद में उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा उनका निकाह उसी लड़के से करा दिया गया, वह भी छांगुर बाबा की निगरानी में। इस गिरोह ने उनके अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी किया।
  • संचित, जो छांगुर बाबा के घर पर काम करता था, को इस्लाम अपनाने के बदले मकान, मोटरसाइकिल और 5 लाख रुपये तक का लालच दिया गया। जब उसने मना कर दिया तो उस पर बलात्कार का झूठा केस लगा दिया गया, और उसकी पत्नी को भी फर्जी आरोपों की बिनाह पर जेल भेज दिया गया।[11]

छांगुर ने इतना मज़बूत नेटवर्क बना लिया था कि जो हिंदू धर्म बदलने से इनकार करते, उनकी ज़मीन-जायदाद तक हड़प ली जाती। पुलिस और अदालतों में पकड़ का इस्तेमाल कर निर्दोषों को झूठे केस में फँसाया जाता। यूपी एटीएस ने बलरामपुर कोर्ट के क्लर्क राजेश उपाध्याय को भी गिरफ़्तार किया, जिस पर आरोप है कि वह पुलिस थानों से कोर्ट ऑर्डर निकलवाकर लोगों पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाता था।[12] यानि की लोग सिर्फ हिंदू बने रहने की कीमत चुकाते हुए जेल तक पहुँचाए जा रहे थे।

हिंदू पहचान का ढोंग

जैसे-जैसे छांगुर बाबा धर्मांतरण रैकेट के बारे में और अधिक जानकारी सामने आई, यह खुलासा हुआ कि उसने अपना संबंध आरएसएस (राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ) से होने का झूठा दावा किया था, और स्वयं को भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ नाम की एक संस्था का अवध क्षेत्र का महामंत्री बताया। इस संस्था का नाम जानबूझकर ऐसा रखा गया था ताकि लोगों को भ्रम हो कि इसका संबंध आरएसएस से है। अपने इस झूठ को सच का जामा पहनाने के लिए, संगठन के संस्थापक (जो खुद भी आरोपी है) ने नागपुर में — जहाँ आरएसएस का मुख्यालय है — एक नकली दफ़्तर तक खोल दिया।[13] [14] इतना ही नहीं, संगठन के लेटरहेड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो छापकर वह भोले-भाले लोगों का विश्वास जीतता, और अपने संगठन की प्रामाणिकता सिद्ध करता।[15]

छांगुर बाबा की यह चाल इस्लामिक सिद्धांत अल-तक़य्या को दर्शाती है, जिसमें गैर-मुसलमानों (काफ़िरों) को धोखा देने और उनसे झूठ बोलने की खुली छूट दी जाती है, ताकि  उनका विश्वास जीतकर उनका धर्मभ्रष्ट किया जा सके[16]

विदेशी फंडिंग का जाल

जांच में यह सामने आया कि छांगुर बाबा को करीब 500 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग मिली थी। इनमें से 200 करोड़ रुपये की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बाकी 300 करोड़ रुपये कथित तौर पर नेपाल के अलग-अलग बॉर्डर जिलों में खोले गए 100 बैंक खातों के ज़रिए छांगुर बाबा तक पहुँचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ नेपाल के इन बैंक खातों में इस्लामिक देशों से पैसे आते थे।[17]

इस धर्मांतरण रैकेट की विदेशी फंडिंग की जांच एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) कर रही है। शुरुआती नतीजे बताते हैं कि बाहर से आए पैसे को संपत्ति ख़रीदने में लगाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये गैरकानूनी फंड मुख्य रूप से कुछ लोगों को ट्रांसफ़र किए गए, ताकि वे करोड़ों की ज़मीन-जायदाद खरीद सकें और निर्माण कार्यों में पैसा लगा सकें।[18]

OpIndia की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) ने एक डायरी बरामद की जिसमें 100 से ज्यादा लोगों के नाम दर्ज थे जो इस धर्मांतरण कांड के संभावित टारगेट थे। जांच में यह भी सामने आया कि छांगुर बाबा ने बेहिसाब दौलत इकट्ठा कर ली थी — इसमें शोरूम, लग्ज़री गाड़ियाँ, करोड़ों की प्रॉपर्टीज़, और अनेकों विदेशी यात्रायें शामिल थीं, विशेषकर खाड़ी देशों की यात्रायें।[19]

इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि छांगुर नेपाल के काठमांडू गया था ताकि पाकिस्तान की आईएसआई से संबंध मज़बूत कर सके। वह कथित तौर पर धर्मांतरित हिंदू महिलाओं की शादी आईएसआई एजेंटों और नेपाल में छिपे स्लीपर सेल ऑपरेटिव्स से कराने की भी साज़िश रच रहा था। इसके अलावा वह यूपी के बरहनी इलाके में अपना ठिकाना बनाने की फ़िराक़ में था और उसकी योजना थी कि रोहिंग्या शरणार्थियों को हिंदू बनाकर पेश किया जाए ताकि वे और लोगों को फँसाकर उनसे इस्लाम कबूल करवा सकें।[20]

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छांगुर बाबा का धर्मांतरण रैकेट कई राज्यों तक फैला हुआ था — जिनमें कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार, और उत्तर प्रदेश के कई ज़िले शामिल थे। इनमें से उसका सबसे बड़ा ठिकाना उत्तर प्रदेश ही माना जाता था। India Today की कवरेज के अनुसार, उसके संबंध अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक संगठनों से भी थे, जिनमे इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक (सऊदी अरब), दावत-ए-इस्लामी, मुस्लिम वर्ल्ड लीग और इस्लामिक यूनियन ऑफ़ नेपाल जैसे संगठन शामिल थे।[21]

छांगुर मामले को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ़ एक बड़ी साज़िश के रूप में भी देखा जा रहा है।[22] छांगुर और उसके साथियों पर विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल राष्ट्र-विरोधी कामों के लिए करने का आरोप है। आरोपों के मुताबिक़ यह गैंग एक इमारत को आतंकवादी कैंप बनाने की साज़िश भी रच रहा था।[23]

छांगुर धर्मांतरण रैकेट ने इस संभावना को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है कि भारत के इस्लामिक धर्मांतरण नेटवर्क का ताल्लुक वैश्विक आतंकवाद से हो सकता है। पहले भी कई बार “लव जिहाद” को आतंकवादी संगठनों ने हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है — हिंदू लड़कियों को फुसलाकर इस्लाम कबूल करवाना और फिर उन्हें चरमपंथी गतिविधियों में धकेल देना।[24] 2021 में एटीएस ने एक और बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिसमे जाँच प्रक्रिया के बाद यह तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी का कनेक्शन पाकिस्तानी आतंकवादी हाफ़िज़ सईद से था, और इस नेटवर्क को कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई से फंडिंग मिलती थी। इसी तरह जून 2025 में प्रयागराज की एक नाबालिग दलित लड़की को केरल ले जाकर जबरन इस्लाम कबूल करवाने और फिर उसे जिहादी नेटवर्क में शामिल करने का मामला सामने आया।[25]

इतने सबूत और घटनाओं के बावजूद, वाम-उदारवादी तंत्र इन्हें महज़ “हिंदुत्व की साज़िश” बताकर नकारते रहते हैं। द केरल स्टोरी इसका एक ताज़ा उदाहरण है, एक ऐसी फ़िल्म जिसने लव जिहाद की सच्चाई को ईमानदारी और निर्भीकता के साथ उजागर किया, लेकिन उसके इस प्रयास का वाम-उदारवादी इकाइयों और कट्टरपंथी इस्लामिस्टों ने ज़बरदस्त  विरोध किया। फिल्म में यह दिखाया गया था कि कैसे व्यवस्थित तरीके से हिंदू और ईसाई लड़कियों से इस्लाम कबूल करवाकर आगे चलकर उन्हें आईएसआईएस की दुल्हनें बना दिया जाता है, यानी उनका निकाह आतंकवादियों से करवा दिया जाता है, जिससे वे इन कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल होने को मजबूर हो जाती हैं।[26]

अब छांगुर गिरोह के एक्सपोज़ होने के बाद इसकी पूरी संभावना है कि वोक तंत्र एक बार फिर “इस्लामोफ़ोबिया” का रोना रोकर इस कट्टरपंथी इस्लामिस्ट मशीनरी की असली सच्चाई को दबाने की कोशिश करेगा।

हिंदू महिलाओं को निशाना बनाना: जनसांख्यिक संतुलन को बिगाड़ने की एक साज़िश

छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट के निशाने पर मुख्यतया हिंदू महिलाएँ थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नेटवर्क के ज़रिए जितने भी लोगों का इस्लाम में धर्म परिवर्तन करवाया गया, उनमें से कम-से-कम 1,500 महिलाएँ थीं। छांगुर बाबा खास तौर पर उन महिलाओं को टारगेट के तौर पर चुनता था जो कमज़ोर परिस्थितियों से जूझ रही होती थीं, जैसे ग़रीब, विधवा, या मुश्किल हालातों से जूझ रही महिलाएँ।[27]

BhaskarEnglish की एक रिपोर्ट, जिसमें कई महिला पीड़ितों की गवाही दर्ज है, बताती है कि छांगुर का गिरोह ज़्यादातर 30 साल से कम उम्र की महिलाओं को ही निशाना बनाता था। इन महिलाओं से इस्लाम कबूल करवाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाए जाते — लव जिहाद, पैसों का लालच, मानसिक दबाव, यौन हिंसा, धमकी और ब्लैकमेल।[28]

छांगुर अपने साथियों से बात करते समय कोड भाषा का इस्तेमाल करता था। वह हिंदू महिलाओं को प्रोजेक्ट्स और धर्मांतरण को “खेत जोतना” कहकर संबोधित करता।[29] जांच में एक बेहद चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि गिरोह ने जाति के हिसाब से रेट लिस्ट बना रखी थी। ब्राह्मण, सिख या क्षत्रिय महिलाओं के धर्मांतरण लिए 15–16 लाख रुपये, ओबीसी महिलाओं के लिए 10–12 लाख रुपये और अन्य जातियों की महिलाओं के लिए 8–10 लाख रुपये तक की राशि तय की गयी थी।[30]

दरअसल, इस्लामिक धर्मांतरण इंडस्ट्री का मुख्य टारगेट हिंदू महिलाएँ ही हैं, क्योंकि इसका प्रमुख मकसद जनसांख्यिकी संतुलन को अस्थिर करना है — ताकि राजनीतिक वर्चस्व क़ायम किया जा सके और आखिरकार शरिया कानून लागू किया जा सके। यही वजह है कि “लव जिहाद” की स्ट्रेटेजी इस्लामिक कट्टरपंथियों की मुख्य रणनीति रही है। हिंदू महिलाओं को फँसाकर उन्हें इस्लाम में शामिल करना और फिर नियंत्रित प्रजनन के ज़रिए जिहाद को आगे बढ़ाना, इस्लामिक कट्टरपंथियों का घोषित लक्ष्य है।

2023 में, महाराष्ट्र एटीएस ने खुलासा किया था कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) — एक ऐसा संगठन जिसे केंद्र सरकार ने 2022 में प्रतिबंधित कर दिया था — का मकसद 2047 तक भारत में इस्लामिक राज कायम करना था। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु वह विदेशी मदद से हथियार और गोला-बारूद जुटाने की योजना बना रहा था।[31] सरकार ने PFI पर प्रतिबंध लगाते समय उसके कई प्रकार की ग़ैरक़ानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का हवाला दिया था, जिनमे आतंकवाद, आतंकी फंडिंग, टारगेटेड किलिंग्स, समाज में अशांति फैलाने और भारत की अखंडता व सुरक्षा को खतरा पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।[32]

गज़वा-ए-हिंद की विचारधारा पर भी बहुत कुछ लिखा जा चुका है।[33] यह विचारधारा भारतीय उपमहाद्वीप के गैर-मुसलमानों को “काफ़िर” कहकर या तो उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने की पैरवी करती है, या फिर उनके अस्तित्व को जड़ से मिटा देने की बात करती है। लेकिन वाम-उदारवादी तंत्र हर बार लव जिहाद से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को इस्लामोफ़ोबिक साज़िश बताकर ख़ारिज कर देता है।

हालाँकि, छांगुर बाबा जैसे बड़े धर्मांतरण रैकेट यह कड़वी सच्चाई उजागर करते हैं कि गज़वा-ए-हिंद का एजेंडा कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और इसका सबसे दर्दनाक शिकार बनती हैं हिंदू महिलायें।

हिंदू आखिर कब जागेंगे

एक तरफ़ तो छांगुर बाबा धर्मांतरण रैकेट जैसे मामले हैं, जहाँ हज़ारों भोले-भाले हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया गया, और करोड़ों रुपये की विदेशी फंडिंग का खेल सामने आया। दूसरी तरफ़ हैं वोक-सेक्युलरहिंदू, जो कट्टरपंथी इस्लामिक चरमपंथ के खतरों से पूरी तरह से बेख़बर हैं, उलटा वे तो विज्ञापनों और पॉप-कल्चर में महिमामंडित की जाने वाली “लव जिहाद” की कहानियों को “सांस्कृतिक मेलजोल” के नाम पर ख़ुशी-ख़ुशी मनाते हैं।

विडंबना यह है कि कई लिबरल और प्रोग्रेसिव हिंदू अनजाने में ही इन धर्मांतरण रैकेट्स के cheerleader (समर्थक) बन जाते हैं, और कई बार तो जाने अनजाने में उनके मददगार भी साबित होते हैं। हालाँकि कई राज्यों में धर्मांतरण विरोधी क़ानून बने हुए हैं, लेकिन इन रैकेट्स के पास ऐसे शातिर तरीके हैं जो आसानी से क़ानून की पकड़ में नहीं आते।

ऊपर से, “वोक” समूह का ज़बरदस्ती का नैतिकता प्रदर्शन (virtue signaling) इन खतरों को पहचानने की बजाय उलटा उन्हें ढक देता है। नतीजा यह निकलता है कि हिंदू समाज न सिर्फ़ इन चुनौतियों को समय रहते पहचानने में नाकाम रहता है, बल्कि कई बार तो जाने-अनजाने में खुद ही इनकी सच्चाई पर पर्दा डाल देता है।

समापन

कट्टरपंथी इस्लामिस्ट तंत्र द्वारा हिंदुओं का धड़ल्ले से कराया जा रहा धर्म-परिवर्तन आज भी एक गंभीर चिंता का विषय है। इसका मकसद सिर्फ़ भारत में मुसलमानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक पहचान और धर्मिक आत्मा को जड़ से नष्ट करना है।

सरकार और प्रशासन इस “धर्मांतरण इंडस्ट्री” पर पूरी तरह से रोक नहीं लगा सकते। अतः इस पर अंकुश लगाने का असल दायित्व हिंदू समाज का ही है, आज समय की माँग है कि हिंदू समाज आत्ममंथन कर अपने धर्मिक तंत्र को मज़बूत बनाए। भारत की सभ्यता की आत्मा पर यह जो संकट आन पड़ा है, इसका एकमात्र स्थायी समाधान धार्मिक पुनर्जागरण है।  

सन्दर्भ सूची

[1] Religious Conversion Racket – 106 Crores In 40 Accounts: Conversion Gang Mastermind Chhangur Baba’s Empire; https://www.ndtv.com/india-news/religious-conversion-racket-chhangur-baba-funds-from-mideast-lands-worth-crores-conversion-gang-mastermind-chhangur-babas-empire-8849735

[2] NGOs using foreign funding for religious conversions in Chhattisgarh: CM Vishnu Deo Sai says strict action will be taken against them; https://www.opindia.com/2025/02/chhattisgarh-probe-ordered-against-entities-coercing-citizens-for-religious-conversions/

[3] FCRA license of NGOs to be cancelled if involved in religious conversion, anti-development acts: MHA – The Economic Times; https://economictimes.indiatimes.com/news/india/fcra-licence-of-ngos-to-be-cancelled-if-involved-in-religious-conversion-anti-development-acts-mha/articleshow/115186983.cms?from=mdr

[4] Chhangur Baba terror plot foreign funds UP ATS religious conversions Rs 500 crore – India Today;  https://www.indiatoday.in/india/story/chhangur-baba-terror-plot-foreign-funds-up-ats-religious-conversions-2757945-2025-07-18

[5] Chhangur Baba is just the start: Exposing the Islamist nexus of exploitation, forced conversions, and foreign-funded subversion in India; https://www.opindia.com/2025/07/chhangur-baba-is-tip-of-iceberg-unmasking-islamist-playbook-of-sexual-exploitation-forced-conversions-blackmail-subversion-in-india/

[6] From bicycle astrologer to र 300-crore empire: How conversion kingpin Chhangur Baba rose | Latest News India – Hindustan Times;  https://www.hindustantimes.com/india-news/from-bicycle-astrologer-to-rs-300-crore-empire-how-conversion-kingpin-chhangur-baba-rose-101752143624702.html

[7] Conversion Case: Probe Agency ED Gets Chhangur Baba’s Custody Till August 1;  https://www.ndtv.com/india-news/conversion-case-probe-agency-ed-gets-chhangur-babas-custody-till-august-1-8969702

[8] Chhangur Baba syndicate: ED uncovers 63cr fin irregularities | Lucknow News – Times of India; https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/chhangur-baba-syndicate-ed-uncovers-63cr-fin-irregularities/articleshow/123029319.cms

[9] Jalaluddin led Balrampur Islamic conversion racket: A timeline of the case after it was exposed;  https://www.opindia.com/2025/07/jalaluddin-led-balrampur-islamic-conversion-racket-a-timeline-of-the-case-after-it-was-exposed/

[10] Chhangur Baba used to send Hindu girls to Muslim countries – Uttar Pradesh News | Bhaskar English;   https://www.bhaskarenglish.in/local/uttar-pradesh/news/chhangur-sent-hindu-girls-abroad-victims-raped-by-goons-govt-to-recover-85l-from-nasreen-135446472.html

[11] Jalaluddin led Balrampur Islamic conversion racket: A timeline of the case after it was exposed; https://www.opindia.com/2025/07/jalaluddin-led-balrampur-islamic-conversion-racket-a-timeline-of-the-case-after-it-was-exposed/

[12] Court clerk arrested for links with Chhangur Baba – Hindustan Times; https://www.hindustantimes.com/cities/lucknow-news/court-clerk-arrested-for-links-with-chhangur-baba-101753036097846.html

[13] Chhangur Baba presented himself as a senior RSS functionary; letterhead had PM Modi’s photo: Report | Latest News India – Hindustan Times; https://www.hindustantimes.com/india-news/chhangur-baba-presented-himself-as-senior-rss-functionary-letterhead-had-pm-modis-photo-report-101752916187520.html

[14] Chhangur Baba conversion case: Jalaluddin posed as an RSS member, used PM Modi’s photo on the letterhead to lure and convert minor Hindu girls to Islam; https://www.opindia.com/2025/07/up-islamic-conversion-racket-jalaluddin-posed-as-rss-member-used-pm-modis-photo-on-letterhead-to-lure-and-convert-minor-hindu-girls-to-islam/

[15] Ibid.

[16] Al-Taqqiya: The Tactic of Deception – Sanatan Prabhat; https://sanatanprabhat.org/english/78285.html

 

[17] UP’s Chhangur Baba received Rs 500 crore in foreign funding for conversions – India Today; https://www.indiatoday.in/india/video/ups-chhangur-baba-received-rs-500-crore-in-foreign-funding-for-conversions-2754149-2025-07-11

[18] Funds received from foreign countries were used to buy assets: ED on Chhangur Baba | Lucknow News – Times of India; https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/funds-received-from-frgn-countries-were-used-to-buy-assets-ed-on-chhangur-baba/articleshow/122772235.cms

[19] Jalaluddin led Balrampur Islamic conversion racket: A timeline of the case after it was exposed;  https://www.opindia.com/2025/07/jalaluddin-led-balrampur-islamic-conversion-racket-a-timeline-of-the-case-after-it-was-exposed/

[20] UP’s Chhangur Baba travelled to Nepal to secure ties with Pak’s ISI, say sources – India Today;    https://www.indiatoday.in/india/story/ups-chhangur-baba-travelled-to-nepal-to-secure-ties-with-paks-isi-say-sources-2755147-2025-07-13

[21] Ibid.

[22] Conversion Case: Probe Agency ED Gets Chhangur Baba’s Custody Till August 1;  https://www.ndtv.com/india-news/conversion-case-probe-agency-ed-gets-chhangur-babas-custody-till-august-1-8969702

[23] Chhangur Baba terror plot foreign funds UP ATS religious conversions Rs 500 crore – India Today;   https://www.indiatoday.in/india/story/chhangur-baba-terror-plot-foreign-funds-up-ats-religious-conversions-2757945-2025-07-18

[24] Mohammad Tariq was being trained to execute ‘love jihad’ by ISKP terrorist Sumera: UP ATS;  https://www.opindia.com/2023/07/uttar-pradesh-ats-mohammad-taris-isis-love-jihad-iskp-sumera/

[25] Chhangur Baba is just the start: Exposing the Islamist nexus of exploitation, forced conversions, and foreign-funded subversion in India;  https://www.opindia.com/2025/07/chhangur-baba-is-tip-of-iceberg-unmasking-islamist-playbook-of-sexual-exploitation-forced-conversions-blackmail-subversion-in-india/

[26] The Kerala Story’ – a wakeup call, not propaganda;  https://organiser.org/2023/05/12/173714/bharat/the-kerala-story-a-wakeup-call-not-propaganda/

[27] UP conversation racket: Chhangur Baba converted over 1,500  Hindu women, son had a Swiss account – India Today; https://www.indiatoday.in/india/story/chhangur-baba-conversion-racket-hindu-women-converted-islam-son-swiss-bank-up-police-2753724-2025-07-10

[28] Chhangur Baba Conversion Funding; Hindu Girls | Muslim Islam | Bhaskar English;    https://www.bhaskarenglish.in/originals/news/chhangur-baba-conversion-funding-hindu-girls-muslim-islam-135458243.html

[29] Balrampur Islamic conversion racket: Jalaluddin alias Chhangur Baba used code language with his associates; https://www.opindia.com/2025/07/balrampur-islamic-conversion-chhangur-jalaluddin-used-code-language-with-his-associates/

[30] Meet Jalaluddin aka ‘Chhangur Baba’, who ran an Islamic conversion racket in Balrampur to target minor Hindu girls; https://www.opindia.com/2025/07/balrampur-islamic-conversion-jalaluddin-chhangur-baba-busted-minor-hindu-girl-lured-atleast-40-vitcims-foreign-funds-involved-details/

[31] Banned Group PFI Wanted To Turn India Into Islamic State By 2047: Anti-Terror Body;   https://www.ndtv.com/india-news/banned-group-pfi-wanted-to-turn-india-into-islamic-state-by-2047-anti-terror-body-3766666

[32] Press Release: Press Information Bureau;  https://www.pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1862754

[33] What is Gazwa-e-Hind & Why is it invoked?;  https://organiser.org/2020/02/28/126848/bharat/what-is-gazwa-e-hind-why-is-it-invoked/

Rati Agnihotri
Rati Agnihotri
Rati Agnihotri is an independent journalist and writer currently based in Dehradun (Uttarakhand). Rati has extensive experience in broadcast journalism, having worked as a Correspondent for Xinhua Media for 8 years. She has also worked across radio and digital media and was a Fellow with Radio Deutsche Welle in Bonn. Rati regularly contributes articles to various newspapers, journals and magazines. Her articles have been recently published in "Firstpost", "The Sunday Guardian", " Organizer", OpIndia", "Hindupost", "Garhwal Post", "Sanatan Prabhat", etc. Rati writes extensively on issues concerning politics, geopolitics, Hindu Dharma, culture, society, etc. The points of intersection between geopolitics and culture are of special interest to her. A lot of her work explores issues concerning Bharat's civilizational and cultural ethos from a global perspective. She obtained her master’s degree in International Journalism from the University of Leeds, UK and a BA (Hons) English Literature from Miranda House, Delhi University. Rati is also a bilingual poet (English and Hindi) with two collections of English poetry to her credit. Her first poetry collection "The Sunset Sonata" has been published by Sahitya Akademi, India's National Academy of Letters. Her second poetry book "I'd like a bit of the Moon" has been published by Red River.
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